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Wednesday, 25 March 2026

तेरी ये ज़मीं है । गीतकार संगीतकार हरिओम जोशी

              "ईश्वर एक रूप अनेक "

गीतकार संगीतकार हरिओम जोशी 

ॐ ॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐ

        तेरी ही ज़मीं है । तेरा आसमाँ  है ।
        तुझसे ही दुनिया का चलता कारवाँ है ।।

     * . तू बनाता है तू ही छीन लेता है ।

           तू है दाता सबका तू ही तो विधाता है।।

        तेरी बरक़तों से ही चलता आशियाँ है ।।

                Or 

       तू बनाता है तू ही छीन लेता है 

        तू ही दाता सबका, तू ही तो विधाता है।

       तू ही रहनुमा है मेरा  तू मेरा जहान है  ।
        तुझमें ही हरशय है । तू ही बाग़वां है ।।
  
        कोई कहे तुझको खुदा कोई शिव राम कहे ।
         कोई जीसस बोले कोहीं वाहे गुरू का जहाँ ।।

      *. तेरा दर मंदिर है । तेरा दर काबा है ।
        गिरजेघर में ग़र तू । तेरा गुरुद्वारा है ।।

         तेरा दर मंदिर है तेरा गुरुद्वारा है 

         तेरी किरपा से ही चलता जग सारा है ।

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      गीतकार संगीतकार हरिओम जोशी ############################

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