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Tuesday, 21 April 2026

प्यार प्यार प्यार प्यार प्यार प्यार

गीतकार संगीतकार हरिओम जोशी 
ंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंं
दिल मुहब्बत प्यार यक़ीं।
हम सब की जरूरत है।
डोर बंधी है हर रिश्ते की।
सभी को जिसकी जरूरत है...
कीमत इसकी वो ही जाने,
 दिल से करे एतबार ।
प्यार प्यार प्यार, वो है
 प्यार प्यार प्यार ।  २
इस दुनिया में जीने को,
अपनों का होना होता है ।
रिश्तों की डोरी से बंधकर
ही जीवन खुश रहता है।
जिसको मिले ये हसीन दौलत
उसी का है संसार ।
प्यार प्यार प्यार , वो है 
 प्यार प्यार प्यार .....२
कोमल ममता की बाहों में 
बाबुल की निर्मल छाया में 
दादा - दादी भाई बहन  के  
संग बसा परिवार 
प्यार प्यार प्यार वो है 
प्यार प्यार प्यार  .....२
घर ये  अधूरा प्यार बिना 
रिश्तों  के संस्कार बिना 
बच्चे बड़ों का करते आदर 
 तभी मिले आधार 
प्यार प्यार प्यार वो है 
प्यार प्यार प्यार ...........२









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गीतकार संगीतकार हरिओम जोशी 
्््््््््््््््््््््््््््््््््््
               " रिश्तों के धागे "
जिस को  समझा मैंने सब-कुछ 
जिनको चाहा मैंने दिल से ।
वो आज बदल गये , रिश्तों से मुकर /फिसल गए 
रिश्तों के धागे टूट गये ।
ख़ून के रिश्ते हार गए दौलत की तराजू पर ।
बंधन जिनसे था ख़ूॅं  का  क़ातिल थे भावना पर ।।
ना बाप को बाप ही समझा ,
 न ममता का मान किया  ।
बेटा बेटी बहू रिश्ते कहां सिमट गये ।
रिश्तों के धागे टूट गये ।।
विश्वास था अंधा जिन पर , आघात दे गये 
नाजों से पाला था जिनको 
ठुकरा कर चल दिए।
जिन पर था नाज़ मुझको 
वो सब भुला दिये 
रिश्तों के धागे । टूट गये।
 रिश्तों  का क्या मूल्य यही  है 
प्यार के बदले  शूल  सही है 
गूंजा करता था  घर  कभी 
सन्नाटे  पसर गये 
रिश्तों के धागे टूट गये 
जिस बगिया को सींचा 
  गुलशन को महकाया  
खिले हुए गुलों  के आशियाने बदल गये 
रिश्तों के धागे टूट गये
 




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