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Sunday, 4 April 2021

मैं कुंवारो डोलूं रे । गीतकार संगीतकार हरिओम जोशी

गीतकार संगीतकार हरिओम जोशी 
राजस्थानी फ्लेवर 
" मैं कुंवारों डोलूं रे ......
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मूॅं तो सांची सांची बोलूं रे 
ऐ मूॅं तो सांची सांची बोलूं रे मैं कुंवारों डोलूं रे 
सगला साथी परण्या मैं मारो बोलूं रे ।
सगड़ा साथी परण्या मैं कवारो डोलू रे।।

म्हारी शादी करने खातिर हो हा हा हा
 म्हारी शादी करने खातिर बापू  ।
 गांव गांव में घुम्या म्हारी शादी करने खातिर घर का गांव गांव में घूम्या ।
पर के ईं  चक्कर में म्हारे दाजी सलट गया 
मैं तो साची साची बोलूं मैं कुंवारा रे गयो रे 
मैं तो साची साची बोलूं मैं कवारो डोलूं रे 

 बिनणी आवे घर में छम छम पायल छनखे 
 छम छम छम छम छम
भाण  ने भावज  मिल जावे मन री कलियां महके ।।
 मैं तो साची साची बोलूं रे कवारो डोलू रे ।

मंदिर गिरजाघर गुरुद्वारा कांई कोनी छोड्या 
जंतर-मंतर तंतर झाड़ फूंक जी कांई कोनी छोड्या ।
कांई लिख्यो विधाता भाग में कंवारो डोलूं  रे ।।
----------------गीतकार संगीतकार हरिओम जोशी-----------

Monday, 9 March 2020

बापू मारवाड़ परणाई रे। ऊँचो फेरण घाघरो गीत संगीत हरिओम जोशी

बापू मारवाड़ परणाई रे

ऊँचो फेरण घाघरो रे

लाजण मरगी रे

असी कली छे घाघरो जी घूमर घेरो जाय

ड्योढ़ी ड्योढ़ी झूमे गौर्यां श्रम कदे नई आय।।
जोबण री झणकारी रे। बांडो लागे घाघरो रे
लाजण मरगी रे।
बापू.......

Wednesday, 4 December 2019

रुणझुण रुणझुण म्हारी पायलडी बोले ।

गीतकार संगीत हरिओम
।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।
                      म्हारी पायलडी बोले
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रुणझुण - रुणझुण म्हारी पायलडी बोले ।
होले - होले   म्हारो   हिवडो  भी डोले   ।।
कोई तो बताद्यो यो काँई होग्यो आज ।।
मीठी - मीठी  काँई कूदे  हिया में ।
लाज लजावे म्हारी आँखड्ल्याँ में ।।
कोई तो बताद्यो म्हारी इण बाताँ रो राज ।
रुण झुण .......................
अंग अंग सुँ झलके म्हारी नाजुक जवानी ।
कोमल कली कचनार सी निसाणी
जाणे कियाँ आवे म्हारा हिवडा रा ज
रुणझुण ............
सखियाँ री बाताँ बेरी तन मन झुलसावे ।
दुनिया री आख्याँ  म्हारो कालजो डरपावे ।।
बींध बींध घौंपी जाणे नैनण कटार ।।
रुणझुण -2 ...........

Sunday, 28 July 2019

सात सहेल्याँ रो मंदिर पाटन में

सातसहेल्याँ लेकर आयी सूर्य रथ असमान  ।
झालरापाटन में सुशोभित पद्मनाथ भगवान ।।

बीच नगर स्थापित करके हो ग ई अंतर्ध्यान  ।
सूर्य नारायण री पूजा रो अद्भुत यो स्थान    ।।

सूरज रो रथ रूपी मंदिर घणो सुहानो लागे  ।
पहली किरण सूरज री मूरत मुख पे जागे  ।।
चमत्कार दीखे मंदिर  में सुबह सुबह  आन
झालरापाटन में सुशोभित ...............

चँद्रभागा नदी और मंदिर पाटन री पहचान ।
कोणार्क रा सूरज मंदिर वाली अठे भी दीखे शान
दूर दूर सूँ आवे जातरी मन में इच्छा मान
झालरापाटन में सुशोभित ....................



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गीतकार संगीतकार हरिओम जोशी
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Friday, 26 July 2019

मेवाड री आन बान शान

गीतकार  संगीत संयोजक हरिओम जोशी । कृत ।।
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यो मेवाडी मान सगला लोकांं सूँ महान छे ।
धरती रा सम्मान री खातिर, राजपूती शान छे ।।

यो चित्तौड़ रो दुर्ग त्याग और बलिदान री गाथा गावे है ।
वीर नारियाँ लाज बचाबा अग्नि कुंड नहावे है ।।

कुंभा सांगा उदय सिंह श्री माहाराणा प्रताप रो कुल ।
त्याग तप बलिदान वीरता स्वभीमान वीरां रो कुल ।।

मीरां बाई री भक्ति री पन्नाधाय रा अमिट त्याग री ।
चेतक री स्वमीभक्ति री , पीथल रा बलिदान री ।।

खिलजी बाबर अकबर पचग्या रण में खूब छकाया हा ।
लडता भिडताँ वीरगति पा हँस हँस प्राण लुटाया हा ।।

घास री रोटी खाकर भी जो आपणो मान बचावे छे ।
दुश्मन भी जीं री ताकत सूँ थर थर थर थर्रावे छे ।।

नमन करूँ हल्दी घाटी ने हर पल जींरो गान करूँ ।
श्रीनाथ जी चार भुजाजी एकलिंग गुणगान करूँ ।।

Saturday, 4 August 2018

राजस्थान रो देश भक्ति गान

                    देव धरा ।।

देव धरा इण भारत माँ री
थानें बात बतावां ।
आयो तिरलोकी रो नाथ अठे
बन ग्वालो गाय चराबां ।
          जय माँ भारती -2 जय मांँ .....
यही तो शान है मेरी । यही तो जान है मेरी ।।
          जय माँ भारती -2 जय माँ.......
1. गंगा यमुना सरस्वती कावैरी अमृत धारा ।
    नर्मदा मैया रा तट पे शंकर कण-कण सारा ।।
     वेद पुराण बखाने जीं री महिमा अनुपम गावांँ
      ज्वाला माता री ज्वाला रो भेद अखंड बतावाँ
     जय माँ भारती -2 जय माँ ........
  यहीं तो आन है मेरी , ये भारत की धरा मेरी ।।
     जय माँ भारती -2 जय माँ ...........
2. उत्तर में हिमराज मुकुट तो सागर चरण पखारे ।
    पूरब में अरुणालय जोते पश्चिम मरुधर सिणगारे
     हरितांबर री ओढ ओढनी माता ने सजावाँ
     सतपूडा विंध्याचल थारी देह बडी बधावां
                जय माँ भारती .........
     यही तो आन है मेरी ........



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गीत संगीत हरिओम जोशी