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Saturday, 15 August 2026

काजल री कोर थारी। गीतकार संगीतकार हरिओम जोशी

काजल री कोर थारी नैना रा राज खोले
कांई बोले री।
अधरां री लाली थारी जोबण रा गीत गावे
कांई बोले री।
मनडो म्हारो भरमावै कांई समझ न आवे 
अब तो बतादे कमनी हिवडो यो थारो ऐयां
कैयां डोले री।
सावन सुहानो आवे हरियालो मौसम भावे
मन मां तरंग जगावे मिलणी री प्रीतरी।
नाज़ुक कमरिया थारी तू जो बल खाती डोले
धड़कन यो धक-धक बोले म्हारो री ।
म्हारा चित ने ललचावे थारा चितवन में कमली
कांई बोले री।
मुखड़ा सूं बोल बता तू अब भी कांई शरमावे
थारा हिवडा री बातां खोल री 
क्यों कर अब तू तरसावे थारा भी मन में भावे 
अवसर सुहानो बीतो जावे री ।
पगल्यां री पायल बाजे चूड़ियां री खनखन बाजे
कांई बोले री।
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गीतकार संगीतकार हरिओम जोशी। 
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Saturday, 6 September 2025

माइंड गेम . कथा वस्तु हरिओम जोशी

एक बहुत ही चर्चित बोलीवुड फिल्म इंडस्ट्री का जाना माना चेहरा। अपनी कार से शहर में किसी काम से बाहर निकल रहा था।
आज वह बहुत खुश लग रहा था। उसको किसी फिल्म में मिली बड़ी कामयाबी हासिल हुई थी और उसका मन प्रसन्न हो गया था।
अचानक सड़क के किनारे बने एक सुंदर से बोर्ड पर उसकी नज़र पड़ी।
बोर्ड पर लिखा था
ज़माने से तिरस्कृत बच्चे हमारे खास सितारे।
हमने कसम है खाई, क्यों न इन्हें संवारें।।
हमको खुदा ने बख्शी खुशियां ज़माने भर की।
चंद खुशियां दे कर इनको जीवन चलो सुधारें।।
वो शख्स जो कि काफी नामचीन हस्तियों में गिना जाता था। जिससे मिलने या एक झलक पाने को असंख्य लोगों का तांता लगा रहता था। जिसने एक से एक हिट फिल्में की और हर फ़िल्म ने बाक्स आफिस पर कोहराम मचा रखा था।
आज वही शख्स वो नामचीन हस्ती इस मैली कुचैली बस्ती के पास बने इस सुंदर से शेल्टर होम के पास आकर रुक गया। 
कम से कम चार पांच बार उसने उस इबारत को बड़े करीने से और संभाल संभाल कर बोला ।
फिर अपने ड्राइवर को को बोला।
मोहन
जी साब
यह कौन सी जगह है।
सर यह शहर की कच्ची झुग्गी झोपड़ी वाली बस्ती है। यहां रहने वाले ज्यादातर लोग शडक से कचरा बीनने और छोटे मोटे काम करने वाले हैं। 
आस पास के इलाकों से ग़रीब हालातों से जूझते यह लोग। यहां अपनी दो जून की रोटी भी बड़ी मुश्किल से जुटा पाते हैं।
साहब:- ओह। और यह क्या बना है। ज़रा पता कर के आओ।कौन यह खूबसूरत सेंटर चला रहा है। मैं उस भले आदमी से मिलना चाहूंगा।
मोहन :- जी साहब। मोहन अंदर गया और संचालक से मिला और अपने मालिक का परिचय दिया तो संचालक चकित हो कर खुशी से उछल गया।
इतने बड़े विख्यात एक्टर को अपने सेंटर में पाकर उसकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था।
ड्राइवर मोहन के साथ बाहर आया और स्वागत करते हुए बोला हमारे अहोभाग्य है सर आप हमारे इस निशुल्क स्लम बस्ती के विद्यालय में पधारे हैं। 
एक्टर उसके साथ अंदर गया। बच्चों से मिला
बच्चे उस महान एक्टर को अपने बीच पाकर बहुत खुश हुए।
उसने हर बच्चे से हाथ मिलाया और हाल पूछा साथ ही उनको टाफियां दीं।
फिर उनको एक दो ऐसे टास्क दिये जिन्हें वो अपनी क्षमता अनुसार पूरे कर सकते हैं। जीतने वाले को बड़े पुरस्कार की घोषणा भी की ।
साथ ही संस्थान संचालक को सहयोग हेतु मोटीराशि का 
का चेक सौंपा।
फिर यह कह कर गया कि जब आपका टास्क पूरा हो जाएगा तो मैं आपके संचालक की सूचना पर आकर आपको ईनाम दूंगा।
बच्चे बड़े रोमांचित हो गये थे।
सब बच्चों में टास्क पूरा करने की ही चर्चा थी और हर कोई दावा कर रहा था कि मैं ही जीतूंगा। या हमारी टीम ही जीतेगी।
कुछ तगड़ी मेहनत करने जुट गए तो कुछ अपना वजूद ऊंचा करने के लालच में खलनायक बन गए।
आखिरकार तमाम जद्दोजहद करते हर चुनौती से जूझते हुए कुछ ग्रुप्स ने अपनी सूझबूझ से और उपलब्ध अनयूज्ड डिट्रायड या यों कहें कि जो किसी के उपयोग में नहीं आने वाली भंगार सामग्रियां इकट्ठा कर के बड़ी खूबसूरत और एक से एक आकर्षक सामग्रियां तैयार कर दीं और।
एक दिन ऐसा भी आया कि सभी स्लम बच्चों की बनाई नायाब चीजें उसी स्लम बस्ती में प्रदर्शनी में सजायी गईं। और प्रसिद्ध अभिनेता के साथ साथ अनेक गणमान्य नागरिक भी आमंत्रित किए गए। 
इस भव्य समारोह के उद्घाटन में चीफ गेस्ट के रूप में वही अभिनेता सभी के आकर्षण के केंद्र थे। 
माहौल खुशनुमा था और आयोजन भव्य था ।
कौन विजयी रहा। बाकी ग्रुप्स को क्या मिला। रंग में भंग डालने वालों का क्या हुआ। क्या उन्हें सजा सुनाई गई या सुधरने का कोई मौलिक संदेश पाकर सुधरने की शिक्षा मिली।
इसी पृष्ठभूमि पर यह फिल्म कथा होगी।

कथानक : हरिओम जोशी 

Approximate budget for the above said Film complications.
Creating a film on a budget of 18 lakhs

 Rupees (~$24,000 USD)
 requires careful planning and allocation of resources. Here's an approximate budget breakdown:

Pre-Production:
Script development: 20,000 INR
Casting (actors, extras): 50,000 INR
Location scouting and permits: 30,000 INR
Pre-production crew (director, producer, etc.): 40,000 INR
Miscellaneous (storyboarding, rehearsals, etc.): 20,000 INR
Total Pre-Production Budget: 160,000 INR

Production:
Camera equipment rental: 100,000 INR
Crew (cinematographer, sound recordist, gaffer, etc.): 150,000 INR
Talent (actors, extras): 50,000 INR
Transportation and catering: 50,000 INR
Props and costumes: 30,000 INR
Insurance: 10,000 INR
Total Production Budget: 390,000 INR

Post-Production:
Editing: 50,000 INR
Sound design and mixing: 30,000 INR
Color correction: 20,000 INR
Visual effects (if any): 20,000 INR
Music composition or licensing: 30,000 INR
Subtitles and captions: 10,000 INR
Total Post-Production Budget: 160,000 INR

Marketing and Distribution:
Film festival submissions: 20,000 INR
Marketing materials (posters, trailers): 30,000 INR
Distribution fees: 20,000 INR
Online promotion (social media ads, etc.): 30,000 INR
Total Marketing and Distribution Budget: 100,000 INR

Contingency (10% of total budget): 70,000 INR
Grand Total: 880,000 INR

This budget breakdown is approximate and may vary depending on factors such as location, crew rates, equipment availability, and specific requirements of the film. It's crucial to prioritize spending based on the needs of the project while ensuring efficient resource management to stay within budget.


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Thursday, 2 January 2025

जय दुर्गे मां,जय दुर्गे मां। गीत संगीत हरिओम जोशी।

गीतकार संगीतकार हरिओम जोशी।

         मां दुर्गा भजन ।
श्लोक:-
देहि सौभाग्यमारोज्ञं देहि में परमम् सुखम्।
 रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषोजहि।।
जगदंबिके महाकालिके
 जगदंबिके महाकालिके।
जय दुर्गे मां जय दुर्गे मां
 जय दुर्गे मां जय दुर्गे मां
जगदंबिके महाकालिके
 जगदंबिके महाकालिके
जय दुर्गे मां जय दुर्गे मां 
जय दुर्गे मां जय दुर्गे मां
जय भवानी मां जय दुर्गे मां 
जय दुर्गे मां, जय भवानी मां जय दुर्गे मां
१. ब्रम्हाणी तू रुद्राणी तू 
    मां अंबिका जगदंबा मां
    कामाक्षी मनसा चामुंडा 
    कामाक्षी मनसा चामुंडा
    जय वैष्णो मां जय दुर्गे मां-2
     जगदंबिके महाकालिके जगदंबिके महाकालिके
     जय वैष्णो मां जय दुर्गे मां।
२.  शिवशक्ति श्रद्धा भक्ति तू 
     नारायणायती‌ सिद्धि तू ।
      इंद्राणी  नैना देवी तू
     पीतांबरा बीजासनी
     विद्या विनय सद्ज्ञान तू
     मिनाक्षी मां जय दुर्गे मां ।
     जगदंबिके महाकालिके जगदंबिके महाकालिके
     जय .......
३. ज्वाला शक्ति हिंगलाज मा 
     ललिता बगला मुंबा मां 
     गढकालिके हरसिद्धि मां
     नारसिंही कालरात्रि मां 
     सिद्धेश्वरी जगदीश्वरी 
     भुवनेश्वरी अखिलेश्वरी 
    जय अन्नपूर्णा दुर्गे मां जय अन्नपूर्णा दुर्गे मां 
    जगदंबिके महाकालिके जगदंबिके महाकालिके
    जय दुर्गे मां जय दुर्गे मां 
    जय भवानी मां जय दुर्गे मां 
4. महालक्ष्मी तू महाकाली। दुर्गा क्षमा कालरात्रि तू ।
    विद्या विनय स्वर स्वामिनी जय सरस्वती मां शारदा।
ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ 


Friday, 8 March 2024

my music RELEASED

1. WISHWA MAA TERI JAY HO
Lyricist:- SWAMI SAHAJ SWAROOP
MUSIC AND SINGER. HARI OM JOSHI 
2. OM SHAMBHU
LYRICIST SWAMI SAHAJ SWAROOP
MUSIC, SINGER HARI OM JOSHI 
3. AAJA KAREEB AJA
LYRICIST SWAMI SAHAJ SWAROOP
MUSIC, SINGER HARI OM JOSHI 
4. Bharat maa Teri Jay ho
LYRICIST SWAMI SAHAJ SWAROOP
MUSIC, SINGER HARI OM JOSHI 
5. OM HI OM
LYRICIST SWAMI SAHAJ SWAROOP
MUSIC AND SINGER HARI OM JOSHI 
6. MERI MAA
LYRICIST, MUSIC COMPOSER HARI OM JOSHI
SINGER TEJASVI SAINI 
7. SAMBHAL MAA DURGE
LYRICIST SWAMI SAHAJ SWAROOP
MUSIC, SINGER HARI OM JOSHI 
 8. OMKAR
LYRICIST SWAMI SAHAJ SWAROOP
MUSIC, SINGER HARI OM JOSHI 
9. HANUMAN KE JAISA KOUN
LYRICIST MUSIC SINGER HARI OM JOSHI 
10 MOKO KAHAN DHUNDHE 
LYRICIST SWAMI SAHAJ SWAROOP
MUSIC & SINGER HARI OM JOSHI 
12 TUTI KADIYAN
LYRICIST DR. SHIV NEWZEALAND
MUSIC COMPOSER HARI OM JOSHI
SINGER DEEPSHIKHA JAIN AND GAURAV JAIN 
13 MERO HIWDO
LYRICIST DR  SHIV NEWZEALAND
MUSIC COMPOSER HARI OM JOSHI
SINGER DEEPSHIKHA JAIN 
14. KHATUSHYAM KI MAHIMA
LYRICIST MUSIC AND SINGER HARI OM JOSHI 
15. JHANKI TERI SAJAYI 
LYRICIST & MUSIC HARI OM JOSHI
SINGER HINA 
16. JAY JAY OM
LYRICIST SWAMI SAHAJ SWAROOP
MUSIC, SINGER HARI OM JOSHI
CO SINGER DR. HANSA SONI.

Monday, 26 February 2024

ZINDAGI ME HAR KISI.

 Lyricist & music.Hariom Joshi: 

ZINDAGI ME HAR KISI KI 
HO KHUSHI MUMKIN NAHI .
 GHAM KE BAADAL NA KABHI
 CHHAYE HON YE MUMKIN NAHI .

1. AASMA PER CHAND KAISA AASMA KO KYA GHARAZ . HO KABHI US PE ASAR YE KABHI MUMKIN NAHI .
ZINDAGI ME......

2. DIL KI DOULAT PYAR HO YA GHAME DILDAAR HO .
 SHAMMA THHANDI AANCH DE PARVAANE KO MUMKIN NAHIN .

3. SHAM SE SUBHA TALAK 
SUBHA SE FIR SHAM TAK . 
GHAM RAHE YA PUR SUKUN . 
YE BHI TO MUMKIN NAHIN .

4. AARZOO KARTE SABHI HAM 
    POORI HOGI TAY NAHI.
    KHUSHNUMA HAR PAL RAHE
    YE KABHI MUMKIN NAHI
:-:-:-:-:-:-:-::-:-:-:-:-:-:-:-:-:-:-:-:-:-:-:-:-:-:-:-
Lyricist and music by Hari Om Joshi 

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    हिंदी में
    =======
   जिंदगी में हर किसी को , हो खुशी मुमक़िन नहीं।
   ग़म के बादल ना कभी, छाये हों मुमक़िन नहीं।।

    आसमां पे चांद कैसा, आसमां को क्या ग़रज़।
    हो कभी उस पर असर ये कभी मुमक़िन नहीं।।

    दिल की दौलत प्यार हो या ग़मे दिलदार हो।
    शम्मा ठंडी आंच दे परवाने को मुमक़िन नहीं।।

    शाम से सुबहा तलक सुबहा से फिर शाम तक।
     ग़म रहे या पुर सुकूं ये भी तो मुमकिन नहीं।।

    आरज़ू करते सभी हम  पूरी होगी तय नहीं ।
    खुशनुमा हर पल रहे ये कभी मुमक़िन नहीं।।

Friday, 16 February 2024

post valentine's day

गुज़र गया वेलेंटाइन,
अब तो सो जाओ।
हाइपर होकर जी लिए अब नार्मल हो जाओ।
1. फूल बना मैं फूल देकर,
     तेरी फरमाइश को तूल देकर
   सुन तेरी फरमाइश ने कमर तोड दी
   महीने भर की कमाई पल में छोड़ दी
   रोटी छोड़ फास्ट फूड खाया
    फिर डाक्टर को दिखा कर आया
   संभल जाओ ना किसी के बहकावे में आओ
    हाइपर होकर जी लिए अब नार्मल हो जाओ।

Thursday, 8 February 2024

रिवाज़

एक गांव जहां मुस्लिम परिवार पांच समय के नमाजी और बहुत ही सज्जनता पूर्वक व्यवहार करने वाला परिवार रहता था ।
परिवार के मुखिया सिराजुद्दीन साहब राज्य स्तर के तेरा की प्रतियोगिता में पिछले 10 सालों से विजय पदक हासिल कर चुके थे और गांव के पास एक बहुत बड़ी झील में प्रत्येक दिन स्नान करने जाते थे और घंटा और झील में एक किनारे से दूसरे किनारे तक तैरते हुए जाते थे और यही उनके दिनचर्या का कम था।
जब सिराजुद्दीन के बड़े बेटे नवाज गाड़ियों का काम करता था और उसकी बीवी फातिमा घर के कामकाज में पूरे परिवार की सेवा करती रहती थी।
यह तीन सदस्यों का परिवार था नवाज अक्षर बीडीओ के साथ दूर दराज के क्षेत्र में घूमने चला जाया करता था जबकि फातिमा अपने ससुर की सेवा करती थी किंतु पर्दा भी करती थी खुद सिराजुद्दीन भी अपनी पुत्रवधू को पूरा बहु जैसा सम्मान ही देते थे कभी उसकी ओर नजर उठा कर नहीं देखे थे। 
फातिमा भी झील पर अक्सर कपड़े धोने जाया करती थी और वहीं पर स्नान करती थी किंतु किनारे पर बैठकर क्योंकि उसे तैरना नहीं आता था हल्के गहरे पानी मैं ही जाकर वह स्नान करती थी और अपने डूबे हुए कपड़े लाकर वापस घर के कार्यों में जुड़ जाती थी।
एक बार की बात है की इसी प्रकार फातिमा स्नान कर रही थी कि अचानक तेज बारिश आई और झील में पानी का स्टार तेज होता चला गया और बड़ी तेज तेज लहरों के साथ वह गहरे पानी में खींचती चली गई वहीं से वह चिल्लाई बचाओ बचाओ बचाओ लेकिन आसपास सिराजुद्दीन के अलावा झील के किनारे और कोई नहीं था उन्होंने अपने पुत्रवधू को डूबते हुए देखा और झील में कूद कर जान बचाने के लिए कोशिश भी की लेकिन तभी उन्हें अपना धर्म याद आया कि यह मेरे बेटे की बेटी है मैं इसको कैसे छोड़ सकता हूं यह इससे तो यह नापाक हो जाएगी यह सोचकर वह उसे मन में इच्छा होते हुए भी बचाने के लिए नहीं खुला और खुद दिल महसूस कर किनारे पर ही खड़े रहे लेकिन किस्मत कहिए कि इस समय कुछ सेनानियों का हम झील के उसे किनारे पर आया हुआ था उनमें से एक नौजवान लड़का उसने जब फातिमा को दिखा कि वह छटपटा रही है अपनी जान बचाने के लिए तो उसने आव देखा ना ताव और झील मैं छलांगा मार कर डूबती हुई फातिमा की और तेजी से बढ़ने लगा ऊंची ऊंची लहरों के कारण उसे फातिमा तक पहुंचने में समय लग रहा था। 
लेकिन कड़े कड़े संघर्ष के बावजूद व फातिमा तक पहुंच गया और मनसन फातिमा को अपने बाहों में जकड़ कर किनारे पर उसे तरफ ले आया जहां उसके ससुर सिराजुद्दीन खड़े हुए थे।
फातिमा की शरीर में पानी घुस चुका था और वह बेहोशी युवक ने उसके पेट उसको उल्टा लेटा कर अपने  घुटनों पर उल्टा लेटा कर उसके पेट को दबा दबा कर उसके मुंह से पानी निकला और जब उसके फेफड़ों से से पानी निकल गया तो वह होश में आ गई तो देखा कि उसके ससुर सामने खड़े हैं तो वह तुरंत संभल कर परदा कर बैठ गई। जबकि सिराजुद्दीन पीठ किये खड़े थे।
तभी युवक ने पूछा मोहतरमा आप ठीक तो हैं ना ।
फातिमा ने कहा जी मैं अब ठीक हूं।
युवक ने पूछा ये जनाब कौन हैं? फातिमा ने बताया कि वह उसके ससुर हैं और इस इलाके के तैराकों के चैंपियन हैं।
युवक को बडा अचंभा हुआ और उसके ससुर के पास पहुंचा। बोला। आप बुरा न मानें तो एक बात पूछूं जनाब।
आप बुजुर्ग हैं और इस झील के बेहतरीन तैराक हैं फिर भी आपने अपनी बहू को डूबते हुए क्यों नहीं बचाया?
सिराजुद्दीन ने कहा। 
मैं उस लड़की का ससुर हूं। हमारे खानदानी रिवाज के मुताबिक मुझे अपने पुत्र की बीवी को छूना तो दूर देखना भी गुनाह है वह मेरे सामने परदा करती है। और इस कारण ही मैं चाह कर भी उसे नहीं बचा सकता था।
ओह बहुत दुःख हुआ आप से सुन कर। लेकिन बुरा मत मानना यह तो दकियानूसी सोच है। 
हां नौजवान लेकिन यह हमारे खानदानी रिवाज है। यही नहीं अगर किसी पर पुरुष ने भी उसे छू लिया हो तब भी वह हमारे खानदानी उसूल के मुताबिक हमारे घर में नहीं रह सकती। 
अब से यह आजाद है हमारे घर में इसका कोई स्थान नहीं है। मेरा बेटा भी इसको अब नहीं रख सकता। 
क्यों कि तुम ने इस को डूबने से बचा तो लिया है लेकिन इसको छू कर नापाक कर दिया भले ही तुम्हारे इरादे नेक थे मगर उसूलतन उसको उठाया और उसके अंगों को छूना पड़ा है इसलिए अब यह नापाक हो गई है।
यह बातें सुनकर फातिमा और युवक दोनों हक्के-बक्के रह गए। फातिमा को तो जैसे लगा कि वह जीते जी मय गयी है। 
उसकी आंखों के सामने अंधेरा छा गया। वह फिर से बेहोश हो गई थी। युवक ने सिराजुद्दीन को दूर जाते हुए देखा। जाते हुए सिराजुद्दीन के चेहरे पर जरा भी चिकन नहीं थी उसे अपने पुत्रवधू को छोड़कर जाने का जरा भी दुख नहीं था. युवक ने देखा कि कितना पत्थर दिल इंसान है जिस औरत ने उसकी पूरी-पूरी सेवा की थी अपनी सारी जिम्मेदारियां को बहुत खूबी जिसने निभाया उसकी दुख की घड़ी में यह कैसा बेदर्दी इंसान है जो उसको ऐसे हालात में अकेली तड़पता हुआ छोड़ कर चला गया.
वह कभी बेहोश पड़ी फातिमा को देख रहा था तो कभी उसके जाते हुए ससुर को।
वह समझ नहीं पा रहा था कि ऐसी स्थिति में इस औरत को यहां छोड़ कर जाए या क्या करे। 
लेकिन उसका दिल इस लियावां में फातिमा को छोड़कर जाने का बिल्कुल नहीं हो रहा था क्या पता कोई जंगली जानवर उसे पर हमला कर दे इंसानियत के नाते उसकी जान को बचाना उससे ज्यादा आवश्यक लगा
आखिरकार उसने कुछ सोचा और फैसला किया और बेहोश पड़ी फातिमा को उठा कर वहां से चल दिया।
जब फातिमा को होश आया उसने आंखें खोली तो उसने अपने आप को एक कमरे में लेते हुए पाया वह हड़बड़ा कर उठने को ही तो सामने वहीं युवक खड़ा था उसके हाथ में कांच का गिलास था जिसमें कुछ दूध लेकर वह आया था उसने कहा आप भूखी होंगी फिलहाल मेरे पास खाने को इस दूध के अलावा कुछ नहीं है ना प्लीज दूध ले लीजिए आपको थोड़ा सा भूख से राहत मिलेगी.
फातिमा ने पूछा आप कौन हैं और आप क्यों मेरे ऊपर इतनी रहम दिल्ली दिखा रहे हैं आपने मेरी जान जान बचाई और जो मिले अपने थे जिनके लिए मैंने अपनी जिंदगी का सारा बोझ जिनके ऊपर छोड़ दिया था वह मुझे ऐसे नागौर मारती हुई छोड़कर चले गए सिर्फ इसलिए की आप गैर मर्द ने मुझे जान बचाते हुए छू लिया. आप आप मुझे कब तक इसी तरह से यहां रखेंगे प्लीज बताइए.
जी मेरा नाम रोहित है और मैं इस जंगल का रेंजर हो जहां वह झील है नोहा अक्सर ग्रस्त पर जाया करता हूं जब मैं आपको देखा और आपके ससुर की ऐसी निर्दय हालत में आपको मरते हुए छोड़कर चले जाने की हालत को देखा तो मैं आपको कैसे जंगल में छोड़ देता एक इंसान होने के नाते मैं आपको यहां लेकर आया हूं मैं यहां अकेला रहता हूं लेकिन आप बेफिक्र होकर यहां रह सकती हैं मैं कोशिश करूंगा कि आपका खविंद से मिलकर आपकी जिंदगी को फिर से ना बात करने में कुछ हद तक आपकी मदद कर सकूं.
आप बेफिक्र रहे मेरी नजर में आप आपके खविंद की आपके हस्बैंड की अमानत है जब तक वह नहीं मिल जाते या आ जाते मैं आपको यहां कोई तकलीफ नहीं होने दूंगा आपको बेशक यहां रह सकती है.
कुछ समय गुजर स्ट्रेंजर ने फातिमा से उसके हस्बैंड का नाम पता करके वह क्या करता है कहां मिलेगा की जानकारी करके अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को जंगल में तलाश करने के लिए भेज दिया कुछ ही लम्हों के बाद उसके गार्डों ने उसके खविंद को ढूंढ लिया और उसको लेकर रेंजर रोहित के पास लेकर आ गए जब उसकी खबर वहां आया उसने अपनी बीवी को देखा और उसने जब बताया कि उसके अब्बा ने उसके साथ कैसा सुलूक किया तो उसका पति नवाज ने सुनकर कहा कि मुझे बेहद अफसोस है मेरे अब्बा ने तुम्हें ऐसी हालत में छोड़ दिया लेकिन वह मेरे अब्बा है मैं उनको अकेला नहीं छोड़ पाऊंगा ऐसी स्थिति में मैं तुमको भी नहीं अपनाऊंगा इसका मतलब यह नहीं कि मुझे तुमसे प्यार नहीं है लेकिन मैं तुम्हें अब साथ नहीं रख पाऊंगा क्योंकि जो मेरे अब्बा ने कहा हमारे इस्लामी कानून के मुताबिक किसी गैर मर्द की स्पर्श को नापाक माना जाता है इसलिए रेंजर साहब ने जब आपको छू लिया तो अब आप मेरी अमानत नहीं रह पाएंगे. 
बेहतर है कि आप अपना गुजर बसर कहीं और कर ले रेंजर साहब मैं आपसे माफी चाहता हूं कि मैं फातिमा को अपनी शरीर के हयात नहीं रख पाऊंगा.
रोहित ने उसे खूब समझाया कि तुम यह कौन सी डाकिया नसीब बातें कर रहे हो भैया यह बेचारी मजलूम औरत तुम्हारे इस व्यवहार के कारण कहां जाएगी और कैसे जीएगी जरा याद करो तुम्हारे हर तरह की कामकाज में सेवा से सुरक्षा में इसने कहीं कोई कमी नहीं रखी आज जब इसकी जान पर आप पड़ी थी तो तुम्हारे अब्बा ने बजाई इसकी जान बचाने की उसको मारता हुआ छोड़ दिया और अगर मैं वहां नहीं होता तो सोचो इसका क्या हुआ होता.
नवाज ने मैं समझ सकता सकता हूं कि आपने मेरी बीबी फातिमा को मारने से बचाया लेकिन मैं अपने अवा की अब्बा की वसूलों को नजर अंदाज नहीं कर सकता मेरी बीबी फातिमा को मैं तहे दिल से बहुत मोहब्बत करता हूं लेकिन मैं अपने अब्बा के उसूलों को भी नहीं छोड़ सकता मैं उन्हें अकेले जिंदगी जीने के लिए भी नहीं छोड़ सकता मैं इसे भी नहीं छोड़ सकता हूं लेकिन उनकी खातिर मुझे इनको छोड़ना पड़ रहा है मेरी हालत कुछ ऐसे हैं कि ना मैं इधर रह सकता हूं ना उधर रह सकता तो आप ही बताएं मैं ऐसी हालत में क्या करूं मैं मजबूर हूं मैं इसे अपने साथ नहीं ले जा सकता मेहरबानी कर इसे कहीं किसी नौकरी पर रख ले और अपना गुजर गुजर करने लायक इसको कहीं रखवा दें उसमें मैं इसकी मदद कर सकता हूं की कभी-कभी मैं इससे मिलने आज आया करूंगा

Sunday, 4 February 2024

ग़ज़ल . दिल की बातें।

कही न जाती दिल की बातें, 
कहते ज़ुबां सिल जाती है।
दिल के अरमां दिल में दबाये 
उम्र युंही लुट जाती है।।
 दिन तो गुज़र जाते हैं
 तन्हा रातें बहुत तड़पाती हैं।
चाहत ज़रूरत  हमदर्द हमनशीं
 हमनवां की आती है।।
इतनी बड़ी दुनिया में रब ने 
क्यों ना बनाया मेरे लिए।
कब होगा दीदार यार तेरा
मुहब्बत तुझे बुलाती है।।
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गीत संगीत हरिओम जोशी .
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Friday, 2 February 2024

याराना कमाल । गीत संगीत हरिओम जोशी।

ओ यारा .....
ओ मेरे यारा....
ऐ मेरे या....र ।
दिन बीते महीनों बीते 
बीते सालों साल।
कभी नहीं बदला सबने देखा -२
अपना ये याराना कमाल।।

मौसम बदले फिजाएं बदली ज़माना बदले हर चाल ।
कोई जुदा कर दे ,  हमको यारा किसी की क्या मजाल।।

1. वो बचपन की गलियां अटखेलियों के दिन।
    बेचैन हो जाते थे  इक दूजे के बिन।। -२
        कालिज की जवां  रंगीली यादें बेमिसाल 
    कुदरत को भी रश्क होता देख अपना हाल।।
     कभी नहीं बदला तेरा मेरा याराना कमाल

2. परियों के मेलों में हसीनाओं के झमेले।
     वो शोख निगाहें  अदाओं से खेले 
     जुल्फों के घेरों में कालेज के डेरों में
     यादों के सागर में वो होस्टल में धमाल
     कभी नहीं बदला .........
 3 वो शोख हसीना जो तुझपे मरती थी।
    वो परियों सी शहजादी आहें भरती थी
    वो रूठना मनाना रोना खिलखिलाना
    कहां गए वो दिन चुरा के सुर और ताल
    कभी नहीं बदला तेरा मेरा याराना कमाल।
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गीतकार संगीतकार हरिओम जोशी।
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गोगाजी पर (गीत) तर्ज:-जागेगा इंसान जमाना देखेगा

इस तर्ज पर गोगाजी महाराज का राजस्थानी गीत बनाकर देंगे।

घोड़ी पे चढ़ गयो अब म्हारो भाई ।।







                     घोड़ी पे चढ़ गयो 
                         म्हारो भाई 


फेसबुक पे फ्रेंड बण्या व्हाट्सएप्प पे चटर-पटर।
छोरी रो छोरा के लारे चाल पड्यो उई चक्कर।।
        बातां ई बातां में आख्यां  लडाई ।
        घोड़ी पे चढ़ गयो अब म्हारो भाई।।
फोटुवां  री शेयरिंग हर कमेंट पे लाइकिंग।
वीडियो री कालिंग में किस किस श्री ट्रांसप्लांट ।
        मम्मी और पापा री मरजी घुटाई ।
         घोड़ी पे चढ़ गयो अब म्हारो भाई ।।
सपनों  यो साकार करग्यो मुबाइल।
दूरी ने नजदीकी देग्यो मुबाइल।।
प्यारी मुहब्बत री चांदी चमकाई
         घोड़ी पे चढ़ गयो अब मेरा भाई।
दो अनजाना‌ एक दूजा रा संगी बण्या है 
जीवन री डोर रा साथी जण्या  हैं।
         ओनलाइन  दुल्हन भी लाइन में आई 
         घोड़ी पे चढ़ गयो अब म्हारो भाई।।

Tuesday, 16 January 2024

क्या मुस्लिम होना गुनाह है? जो है उसकी क़दर करो।

boonworldofmusic इस्लाम की ग़लत नीतियों और लव-जेहाद आतंकी गतिविधियों मुस्लिम पर्सनल लॉ। शरियत कानून के शिकार सिर्फ केवल अन्य धर्म हिंदू सिख ईसाई जैन पारसी बौद्ध की महिलाएं और लोग ही नहीं बल्कि स्वयं उनके अपने धर्म की महिलाएं भी त्रस्त हैं। और यही नहीं स्वयं मुस्लिम समाज की सतायी हुई एक बहुत गुणी महिला वर्ग की बतायी हुई आपबीती पर आधारित कहानियां हैं। जहां सगा बाप सगा भाई चाचा ताऊ बेटी को अपनी नापाक हवस का शिकार बना देते हैं। तीन तलाक़ बुर्का पहनना और को अपनी जरखरीद गुलाम समझना बच्चे पैदा करने वाली मशीन समझना जैसी कुरीतियां तो है ही लेकिन अन्य धर्म हिंदू सिख ईसाई जैन पारसी बौद्ध की लड़कियों को भी अपने प्रेमजाल में फांस कर उनके साथ अमानुषिक कृत्य को खुद इस्लाम की औरतें उजागर कर इस्लाम की कमजोरियां बता रही हैं 
ऐसा संदेश देती हुई कहानी पर आधारित फिल्म ZEE CINEMA TV CHANNEL. के लिए बनाने का सुझाव आया है। 
एक सशक्त फिल्म के साथ बहुत ही कुछ मार्मिक  गीत
कहानी है । गीत ऐसे हैं जो किसी किसी की भी भावनाओं को आहत नहीं करेंगे और एक सकारात्मक संदेश समाज को देंगे ।
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एक करोड रुपए के लगभग  बजट इस फिल्म पर आने की संभावना है। 

उन महिलाओं का कहना है कि क्या मुस्लिम औरतें सुंदरता , शारीरिक संबंध, घरेलू कामकाज में या किसी भी दक्षता में अन्य मज़हब की औरतों से कम हैं? इन मुसलमान मर्दों से खुद की औरतें तो संभाली नहीं जाती और दूसरी तरफ मुंह मारते फिरते हैं।
[12/3, 1:51 PM : इस्लाम की ग़लत नीतियों और लव-जेहाद आतंकी गतिविधियों मुस्लिम पर्सनल लॉ। शरियत कानून के शिकार सिर्फ केवल अन्य धर्म हिंदू सिख ईसाई जैन पारसी बौद्ध की महिलाएं और लोग ही नहीं बल्कि स्वयं उनके अपने धर्म की महिलाएं भी त्रस्त हैं। और यही नहीं आरोप लगाने वाली स्वयं मुस्लिम समाज की सतायी हुई एक बहुत गुणी महिला वर्ग की बतायी हुई आपबीती पर आधारित कहानी है। एक ऐसा समुदाय जहां
 सगा बाप
 सगा भाई
 चाचा
 ताऊ
बेटियों को 
श्वसुर , 
जेठ देवर
बहुओं को
अपनी नापाक हवस का शिकार बना देते हैं। तीन तलाक़ बुर्का पहनना औरत को अपनी जरखरीद गुलाम समझना । बच्चे पैदा करने वाली मशीन समझना जैसी कुरीतियां तो है ही ।लेकिन 
अन्य धर्म हिंदू सिख ईसाई जैन पारसी बौद्ध की लड़कियों को भी अपने प्रेमजाल में फांस कर उनके साथ अमानुषिक कृत्य कुल मिलाकर औरत चाहे किसी भी मज़हब पंथ धर्म जाति भाषा की है। मर्दों के अत्याचार से कुचली जा रही है। ऐसे तमाम मुद्दे इस्लाम की औरतें उजागर कर इस्लाम की कमजोरियां बता रही हैं । 
ऐसा संदेश देती हुई कहानी पर आधारित फिल्म समाज को आईना दिखाएगी  । 
एक विवाहिता मुस्लिम महिला ICU वार्ड में भर्ती है और कोमा में में है।
उसके माता-पिता भाई-बहन और भी अनेक परिजन बाहर उसके ठीक होने की दुआ करते नज़र आ रहे हैं।
मालूम हुआ कि उसने खुदकुशी करने की कोशिश की थी जिसके कारण वह इस हालत में पहुंच गई थी।
घर परिवार वाले उसके शौहर को जिम्मेदार ठहरा रहे थे।
माहौल बहुत गर्म हो गया था। तनाव बढ़ गया था।
दूसरी ओर एक सच्चे मुसलमान परिवार जो कि पांच वक्त की नमाज के हमेशा पाबंद है और इंसानियत देशभक्त हैं। किसी दूसरे मज़हब पंथ धर्म जाति को हिकारत की नज़र से नहीं देखते बल्कि सबसे सच्चा आत्मिक भाव रखते हैं। 
जिहादी संगठन उनके ऊपर दबाव डाल रहे हैं कि वह इस्लामी जिहाद में उनके साथ आये और आतंकवादी गतिविधियों में उनका साथ दे।
लेकिन वह लोग उनके बहकावे में नहीं आते। और अपने पारिवारिक जज्बे को कायम रखते हैं। 


Sunday, 14 January 2024

श्री राम जी की निकली सवारी .।

श्रीराम जन्मभूमि पर शब्दसुमन युक्त भक्तिमय 
                      प्रस्तुति
अब अवध पुरी में धूम मची है।
जन जन के हितकारी
राम जी की महिमा है भारी

आओ हम सब नाचे गाएं , धूमधाम से जश्न मनाएं ।
दशरथ नंदन रघुकुल चंदन कौशलेश शरण में जाएं।।
राम जी की निकली सवारी
श्री राम जी की निकली सवारी
      सीता माता वाम विराजे दाहिने लक्ष्मण भ्राता
      चरण शरण हनुमान विराजे दृश्य सबको लुभाता
जन्मभूमि अद्भुत सजी है भक्तों के बलिहारी
श्री राम जी की निकली सवारी। 
     युगों-युगों से राम नाम की गूंज रही किलकारी 
      श्रीराम जी की निकली सवारी।
चौदह बरस वनवासी रामा। 
दानव दलन अभिरामम् रामा।।
भरत शत्रुघ्न संग तीनों माता लगत प्रफुल्लित भारी ।
श्रीराम जी की निकली सवारी।।
   
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राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम
गीत संगीत हरिओम जोशी ।
निर्माता- कपिल सिंह तोमर ।
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प्रस्तुतकर्ता :- 
करण इंटरनेशनल स्कूल अम्बाह जिला मुरैना म.प्र. 
राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम।।
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